भय

लोग हैरान परेशां से घूम रहे हैं.क्यों

 अनजाने भय से चेहरे पीले हो रहे हैं क्यों..

चाहने न चाहने से कुछ होने वाला नहीं है.

तक़दीर का लिखा टलने वाला नहीं है..

जिंदगी में रोज सुबह तो होती है.

पर मौत की एक ही तारीख नियत होती है..


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